Kalpna Chouhan

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ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 23"


किआरा, सुमित्रा जी, सुजीत जी और अध्विक को घर भेज देती है और खुद पास हॉस्पिटल में रुक जाती है ।
किआरा वही पास रखे सोफे पर सो जाती है, इवान किआरा को देखता है जो सोफे पर एडजस्ट होने की कोशिश कर रही थी लेकिन सो नहीं पा रही थी और बार बार बेचैनी से करवटे बदल रही थी तो इवान किआरा को आवाज लगाता है तो किआरा जल्दी से उठकर इवान के पास आती है और उससे पूछती है

किआरा :- क्या हुआ इवान जी, आपको कुछ चाहिए क्या, या कही दर्द हो रहा है, आप हमे बताइये हम अभी डॉक्टर को लेकर आते है

किआरा दरबाजे की तरफ बढ़ने लगती है तो इवान उसका हाथ पकड़कर बोलता है

इवान :- किआरा मैं ठीक हु मुझे कुछ नहीं हुआ और ना ही मुझे कुछ चाहिए

किआरा ( असमंजस मे ) :- आपको अगर कुछ नहीं चाहिए तो अपने आवाज क्यू दी🤔

इवान :- मैने आवाज इसलिए दी क्युकी तुम वहां ( सोफे की तरफ इशारा कर ) ठीक से सो नहीं पा रही थी, इसलिए तुम एक काम करो यही ( बेड की दूसरी साइड पर हाथ रखकर ) सो जाओ, वैसे भी अभी तुम भी कमजोर हो तुम्हारी तबियत भी ठीक नहीं है इसलिए तुम्हे भी आराम की जरूरत है

किआरा :- जी नहीं इवान जी ऐसी कोई बात नहीं है हम वही सो जाएंगे आप यहां आराम से सो जाइये, अभी आपको ज्यादा आराम की जरूरत है हमारे यहां सोने से आपको दिक्कत होगी

इवान :- मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी तुम यही सो जाओ, इर देखो बेड भी बड़ा है, चलो आ जाओ चुपचाप

इवान फिर अपने मन मे बोलता है (मुझे हमेशा पापा की ऐसी फिजूलखर्ची अच्छी नहीं लगती थी लेकिन आज पापा का वीआइपी रूम मे शिफ्ट करवाने का ये फायदा तो हुआ, आज तो मन हो रहा है अगर वो मेरे सामने होते तो उनके पप्पी और झप्पी दोनो पा लेता😜 ( थोड़ा रूककर ) वैसे मे इतना खुश क्यू हो रहा हु इस बात से की किआरा अभी मेरे पास मेरे करीब होगी, मुझे उसकी इतनी फ़िक्र क्यू हो रही है, शायद मैं उसे अपनी दोस्त मानता हु इसलिए लेकिन ये फ़िक्र दोस्ती से कुछ ज्यादा है, मुझे उसके आँशु तकलीफ दे रहे थे जब वो मेरे सामने मुझे इस हाल मे देखकर रो रही थी, मुझे उसकी तबियत खराब होने ओर ऐसी बेचैनी क्यू फील हुई जैसे मेरी धड़कने धीमी पड़ गई हो, क्यू मेरा दिल उसे अपने पास अपने करीब रखने को करता है, कही मुझे.......... नहीं नहीं ऐेसा नहीं हो सकता मे अपनी अनु के आलावा किसी और के बारे मे सोच भी कैसे सकता हु ये गलत है, किआरा के लिए मेरी फ़िक्र बस एक दोस्त के नाते है वो मेरी अच्छी दोस्त है इसलिए बस इससे ज्यादा और कुछ नहीं है )

इवान ये सब सोचते हुए अपना सिर झटक कर आँखे बंद कर लेता है, किआरा भी इवान के साइड आकर लेट जाती है लेकिन किआरा को नींद नहीं आती है उसकी आँखों के सामने बार बार इवान की चेहरा आता है तो वो वापस बैठ जाती है, किआरा के ऐसे उठने से इवान अपनी आँखे खोलकर उसकी तरफ देखता है और उससे पूछता है

इवान :- क्या हुआ किआरा तुम यू अचानक क्यू उठ गई नींद नहीं आ रही क्या....

किआरा :- इवान जी आपसे कुछ पूछे

इवान :- हा पूछो जो पूछना हो

किआरा :- आपका एक्सीडेंट कैसे हुआ🤔

इवान :- मैने सभी को बताया तो था की एक ट्रक के अनबैलेंस होने के कारण हुआ था एक्सीडेंट

किआरा :- लेकिन आप फिरसे शुरु से बताइये क्युकी हमे येसा लगता है की आपका एक्सीडेंट किसी ने जानबूझकर करबाया है

इवान ( हैरानी से ) :- जानबूझकर मतलब, कोई क्यू मुझे मरवाना चाहेगा, और ऐसा कौन दुश्मन आ गया मेरा जो ऐसा करेगा

किआरा :- वही तो पता लगाना है इवान जी की कोई क्यू आपका एक्सीडेंट करवाना चाहता है, इसलिए आप शुरु से बताइये की हुआ क्या था

इवान :- ओके मैं बताता हु, मैं पापा से बात करके अपनी कर लेकर निकल गया था

__________FLASHBACK___________

इवान कार आराम से चलाते हुए आता है रास्ते में उसे ट्रैफिक मिलता है जिसके कारण वो थोड़ी देर रुक जाता है, तभी एक बच्चा आता है और इवान की कार के पास नोक करता है तो इवान अपनी कार का विंडो नीचे करता है, वो लड़का इवान से बोलता है

लड़का :- भैया जी आप ये फूल लीजिये ना प्लीज

इवान :- नहीं बेटा मुझे फूल नहीं चाहिए

लड़का :- प्लीज भैया जी ले लीजिए ना मेरी आज कम बिक्री हुई है मेरी माँ की तबियत भी ठीक नहीं है मुझे उनके लिए दवाइयां लेना है प्लीज एक फूल ही ले लीजिये

इवान :- ठीक है लाओ सारे फूल दे दो मुझे

वो लड़का इवान की बात सुनकर खुश हो जाता हैं तो इवान मुस्कुराते हुए दस हजार रुपये एक एनवॉलप में रख उसके हाथ में रख देता है और बोलता है

इवान :- देखो बच्चा ये पैसे ले जाकर अपनी माँ को दे देना ओके और इनसे अपनी माँ के इलाज़ के लिए दवाइयां भी ले आना और अपना और अपनी माँ का ध्यान रखना

लड़का :- ठीक है भैया जी

इवान :- अच्छा बच्चा अपने अपना नाम तो बताया ही नहीं

लड़का :- मेरा नाम देव है भैया

इवान ( अपना कार्ड देते हुए ) :-  अच्छा देव ये मेरा कार्ड रखो और कल आ जाना यहां ओके

देव :- ओके भैया आ जाऊंगा

इतना बोलकर देव मुस्कुराता हुआ उन पेसो के लिफाफे को अपने बेग में रखकर चला जाता है तो इवान भी ट्रैफिक क्लियर होते ही अपनी कार लेकर निकल जाता है, इवान कुछ ही आगे बड़ा था की उसे हल्के हल्के चक्कर आने लगते है लेकिन फिर भी वो अपना ध्यान कार ड्राइव करने में लगाता है, कुछ आगे चलके वो देखता है की एक ट्रक सामने से आ रहा है और उस ट्रक में बैठा शख्स मुस्कुरा रहा है लेकिन थोड़ी देर में उसे सब धुंदला नजर आने लगता है और वो कार संभाल नहीं पता और कार ट्रक से जा भिड़ती है और इवान का सिर कार के डैशबोर्ड से टकरा जाता है, इवान अपने आप को संभालने की कोशिश करता है तो उसे किसी की आवाज सुनाई देती है तो वो साइड में देखता है तो थोड़ी दूरी ओर ट्रक के पास खड़ा एक व्यक्ति फोन पर किसी से कहता है " काम हो गया बॉस इवान अब नहीं बचेगा कुछ देर मे अभी बोम वलास्ट हो जाएगा ओर उस इवान के चीथड़े चीथड़े हो जाएंगे "

इवान उस व्यक्ति की बात सुनकर हैरान हो जाता है तभी विकास आकर उसे कर से बाहर निकलता है ओर कर वलास्ट हो जाती है ।



To be continued.....................

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7 Comments

Miss Chouhan

11-Nov-2022 11:27 AM

Nice story😊😊😊

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Mithi . S

09-Nov-2022 06:04 AM

Behtarin rachana

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shweta soni

01-Nov-2022 10:13 AM

Behtarin rachana

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